

डोईवाला
डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में कर्मकार बोर्ड द्वारा श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और श्रमिक किट वितरण को लेकर विवाद गहरा गया है। परवादून कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने प्रदेश सरकार और स्थानीय भाजपा विधायक बृजभूषण गैरोला पर सरकारी योजनाओं को चुनावी प्रचार और राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने का गंभीर आरोप लगाया है।
मोहित उनियाल ने कहा कि कर्मकार बोर्ड की योजनाएं किसी राजनीतिक दल की निजी संपत्ति नहीं हैं, बल्कि ये गरीब और मेहनतकश श्रमिकों का अधिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डोईवाला में श्रमिक किटों का वितरण सरकारी तंत्र के बजाय भाजपा कार्यकर्ताओं और विधायक की सिफारिश पर किया जा रहा है। जिन ग्राम पंचायतों और नगर पालिका क्षेत्रों में गैर-भाजपा जनप्रतिनिधि हैं, वहां के पात्र श्रमिकों को इस योजना से वंचित रखा जा रहा है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष के मुख्य बिंदु:
अधिकारियों पर दबाव: श्रमिक इंस्पेक्टर और संबंधित अधिकारी केवल विधायक के निर्देशों पर ही किटों का वितरण कर रहे हैं।
निष्पक्ष जांच की मांग: मुख्यमंत्री और उच्च अधिकारियों से किट वितरण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग।
पारदर्शी पात्रता: किट वितरण का आधार पार्टी से जुड़ाव नहीं, बल्कि केवल श्रमिक की पात्रता होनी चाहिए।
मोहित उनियाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकारी योजनाओं के नाम पर पक्षपात और राजनीति बंद नहीं हुई, तो कांग्रेस श्रमिकों के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करेगी।
