
देहरादून
राजधानी के डालनवाला क्षेत्र स्थित सिल्वर सिटी मॉल के पास हुए चर्चित विक्रम शर्मा हत्याकांड की गुत्थी को उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त टीम ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले की साजिश में शामिल दो आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की पटकथा कई महीनों पहले लिखी गई थी और शूटरों ने विक्रम की रेकी करने के लिए उसी के जिम में दाखिला तक ले लिया था। मामले का खुलासा एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल और एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान राजकुमार निवासी जमशेदपुर और मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर निवासी नोएडा के रूप में हुई है। मामले में मुख्य शूटर आशुतोष विशाल अंकित वर्मा सहित 6 लोग अभी फरार हैं। जिनकी तलाश की जा रही है। इन आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया है। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मृतक विक्रम शर्मा झारखंड का कुख्यात अपराधी था। आरोपियों ने उसे जमशेदपुर और नोएडा में भी मारने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा और भीड़ के कारण वे सफल नहीं हो सके। देहरादून में वारदात को अंजाम देने के लिए साजिशकर्ता अंकित वर्मा ने उसी जिम को ज्वाइन किया जहां विक्रम जाता था।

13 फरवरी को अंकित ने ही शूटरों को सूचना दी कि विक्रम जिम में है, जिसके बाद बाहर निकलते ही उसे गोलियों से भून दिया गया। हत्या के पीछे की वजह अपराध जगत में धाक जमाना और व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता सामने आई है। शूटर आशुतोष और विशाल अपराध की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते थे। विशाल की जेल में विक्रम के गुर्गों से झड़प हुई थी, जिसका बदला लेना था। सारिका एंटरप्राइजेज के मालिक यशराज का रेलवे फूड सप्लाई का कॉन्ट्रैक्ट था। जिस पर विक्रम शर्मा की नजर थी। विक्रम ने यशराज से रंगदारी की भी मांग की थी। जिसके चलते यशराज ने हत्या की साजिश में शूटरों को गाड़ी और संसाधन उपलब्ध कराए। घटना के बाद आरोपी हरिद्वार से रेंट पर ली गई स्कूटी और बाइक का इस्तेमाल कर फरार हुए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से कड़ियां जोड़ीं।
