
ऋषिकेश
योगनगरी ऋषिकेश के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। आधुनिक परिवहन और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से ऋषिकेश के पशुलोक बैराज पर सी-प्लेन का बहुप्रतीक्षित ट्रायल सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। आज शाम करीब 6 बजे विशेषज्ञों की देखरेख में सी-प्लेन ने गंगा के पानी पर सुरक्षित लैंडिंग की और फिर सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस ट्रायल के होने से ऋषिकेश के पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलेंगी। राफ्टिंग, बंजी जंपिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के बाद अब सी-प्लेन पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण होगा। टिहरी बांध झील के बाद अब ऋषिकेश में इस सेवा के सफल परीक्षण से भविष्य में प्रदेश के अन्य जलाशयों और नदियों को जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। सी-प्लेन एक विशेष विमान है जो पानी की सतह नदियों, झीलों या समुद्र से उड़ान भर सकता है और वहीं लैंड भी कर सकता है। आमतौर पर यह 12 से 19 सीटों वाला छोटा विमान होता है। इसे टेक-ऑफ करने के लिए मात्र 300-500 मीटर के जलाशय की आवश्यकता होती है। ये विमान जमीन और पानी दोनों जगह उतरने में सक्षम होते हैं। बैराज जलाशय में जो विमान उतरा है वह 19 सीटर है। किसने बैराज जलाशय में दो बार सफल लैंडिंग और उड़ान भरी है। इसके अलावा पूरे बैराज जलाशय और चीला नहर की रेकी भी की है। प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह के अनुसार, इस सफल ट्रायल के बाद अब उत्तराखंड को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर एक नई और विशिष्ट पहचान मिलेगी। यह पहल न केवल हाई-एंड टूरिज्म को बढ़ावा देगी, बल्कि आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। सी-प्लेन की सेवा यदि शुरू होती है तो देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यात्रा अधिक तेज, सुविधाजनक और आकर्षक बनेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
