
ऋषिकेश
उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य आज ऋषिकेश के बापू ग्राम पहुंचे। जहाँ पिछले 50 दिनों से स्थानीय निवासी अपनी जमीन और आशियाने को बचाने के लिए आंदोलनरत हैं। वन भूमि प्रकरण को लेकर चल रहे इस धरने में शामिल होकर यशपाल आर्य ने सरकार की चुप्पी पर कड़ा प्रहार किया और जनता के हितों की लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने का ऐलान किया। यशपाल आर्य ने मौके पर मौजूद महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों को संबोधित करते हुए कहा कि बापू ग्राम के लोग अपने अस्तित्व को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि कड़ाके की ठंड और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोग सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार ने अब तक इस मामले में कोई सुध नहीं ली है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साध ली है और अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। उनकी ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखा गया, लेकिन आज तक उसका कोई जवाब नहीं मिला। यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। यशपाल आर्य ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल सड़क तक सीमित नहीं रखेगी। उन्होंने घोषणा की कि 9 मार्च से शुरू होने वाले आगामी विधानसभा सत्र में वह इस मामले को पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे।
तथ्यों के साथ घेराव: विपक्ष सबूतों, प्रमाणों और नियमों के साथ सदन में सरकार से जवाब मांगेगा।
गैर-राजनीतिक समर्थन: आर्य ने कहा कि यह उनके लिए राजनीति नहीं बल्कि ‘धर्म’ है, क्योंकि विपक्ष का काम जनता की आवाज बनना है।
निर्णायक लड़ाई का संकल्प
धरने पर बैठे लोगों को आश्वस्त करते हुए यशपाल आर्य ने कहा कि प्रशासन और वन विभाग द्वारा स्थानीय लोगों को उजाड़ने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने ‘सड़क से सदन तक’ इस लड़ाई को लड़ने का संकल्प दोहराया।
