ऋषिकेश
ऋषिकेश एम्स के लिए आयोजित CRE-3 भर्ती प्रक्रिया के दौरान पहचान में धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पकड़ी गई इस गड़बड़ी के बाद पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि मामले में शामिल मुख्य आरोपी फरार है। जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। पुलिस के मुताबिक 17 अक्टूबर को एम्स ऋषिकेश में CRE-3 भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन किया गया। वायरमैन पद के लिए पहुंचे अभ्यर्थी विकास कुमार मीणा के दस्तावेजों की जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ। मूल अभिलेखों और पहचान-पत्रों का मिलान करने पर सामने आया कि परीक्षा में शामिल होने वाला युवक और नौकरी प्राप्त कर कार्यभार ग्रहण करने वाले युवक के फोटोग्राफ अलग-अलग है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एम्स ऋषिकेश के सहायक प्रशासनिक अधिकारी विक्रम सिंह ने पुलिस चौकी एम्स में लिखित शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया और विकास कुमार मीणा नाम के युवक को पुलिस के हवाले किया। आज पुलिस ने पूछताछ करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी की असली पहचान अशोक कुमार मीणा के रूप में हुई। चौकी प्रभारी विनेश कुमार ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। फरार विकास कुमार मीणा की तलाश पुलिस ने तेज कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फर्जीवाड़े के इस खेल में और कौन-कौन लोग या गिरोह शामिल हैं।
