

ऋषिकेश
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे पहाड़ में जनजीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। जगह-जगह भूस्खलन होने से रास्ते बंद हो गए हैं। पहाड़ों पर सफर करना भारी बारिश की वजह से चुनौती बन गया है। गंगा का जल स्तर तेजी से ऋषिकेश में बढ़ रहा है। बरसाती नदियों ने भी अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कई इलाकों में भारी बारिश की वजह से जल भराव भी हो गया है। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है।

अलर्ट जारी करते हुए जल पुलिस, एसडीआरएफ और आपदा प्रबंधन की टीम को हाई अलर्ट पर रखा है। यह सभी टीम गंगा और बरसाती नदियों के किनारे एक्टिव है। जो लोगों को गंगा और नदियों से दूर रहने की चेतावनी दे रही है। जिला प्रशासन ने लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है। किसी भी प्रकार की आपदा से प्रभावित होने पर 112 पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना देने की अपील की है।

पहाड़ों इलाकों में सफर करने से बचने का भी अलर्ट जारी किया है। परमार्थ निकेतन घाट पर शिव मूर्ति तक गंगा का जलस्तर पहुंच चुका है। त्रिवेणी घाट पर आरती स्थल भी जलमग्न हो गया है। बरसाती चंद्रभागा नदी भी अपने उफान पर है। खारा स्रोत में भी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बीन नदी ने भी रौद्र रूप दिखाकर लोगों को डराया है।

चीला मार्ग पर घासीराम रपटे पर भी पानी उफान पर है। देहरादून रोड पर सात मोड़ के पास भी बरसाती नाले ने डरावना रूप ले लिया है। श्यामपुर में भी कई बरसाती नाले उफान पर है। ऋषिकेश के शिवाजी नगर गंगानगर और कई निचले इलाकों में पानी घरों के अंदर घुसने की भी सूचना है। एसडीएम कुमकुम जोशी ने बताया कि सभी क्षेत्रों में प्रशासन की टीम निगरानी बनाए हुए हैं। आपातकालीन स्थिति में लोग कंट्रोल रूम को सूचना देकर मदद ले सकते हैं।
