

ऋषिकेश
एम्स अस्पताल के पास शिवाजी नगर तिराहे पर ‘जीरो जोन’ के नियमों की धज्जियां उड़ने से स्थानीय निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। नगर निगम के दावों और कागजी फैसलों से तंग आकर आज स्थानीय लोगों ने शिवाजी नगर के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कागजों में ‘जीरो जोन’, जमीन पर ‘नो रूल’
समाजसेवी संतोष पांडे और पूर्व पार्षद जयेश राणा के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित कर शिवाजी नगर तिराहे को ‘जीरो जोन’ घोषित तो कर दिया गया, लेकिन अधिकारी नियम का पालन कराना भूल गए। बार-बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस और नगर निगम इस क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं।

मरीजों की जान पर भारी पड़ रहा ट्रैफिक जाम
तिराहे पर अवैध अतिक्रमण के चलते आम जनता का पैदल चलना दूभर हो गया है। सबसे चिंताजनक स्थिति एम्स में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों की है।
एंबुलेंस की थमी रफ्तार: अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम के कारण आपातकालीन एंबुलेंस की गति धीमी हो जाती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है।
पुलिस चौकी फिर भी बेखौफ दबंग: एम्स परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद अतिक्रमणकारियों में न तो पुलिस का डर है और न ही नगर निगम का।
विरोध करने पर मारपीट: स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि कोई नागरिक इस अवैध कब्जे का विरोध करता है, तो अतिक्रमणकारी गाली-गलौज और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।

प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
उग्र प्रदर्शन के दौरान संतोष पांडे, प्रेम नेगी, यशवंत रावत, कृष्णा नेगी, राहुल, दीपक रावत, आशीष राय, संजय शर्मा, दीपक सजवान, विनोद प्रजापति, अनिल बर्थवाल, अजीत नेगी और नितिन कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही तिराहे को अतिक्रमण मुक्त कर ‘जीरो जोन’ के नियमों को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
वही मामले में नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाता है। यदि अभी भी अतिक्रमण तिराहे पर है तो फिर से टीम को मौके पर भेजा जाएगा।
