
ऋषिकेश
अगर आप भी धार्मिक स्थलों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में किसी अजनबी की बातों में जल्दी आ जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ा सबक है। तीर्थनगरी के प्रसिद्ध परमार्थ निकेतन आश्रम के पास से ठगी का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस प्रशासन और श्रद्धालुओं के होश उड़ा दिए हैं। यहां एक शातिर ठग ने सम्मोहन का जाल बिछाकर एक बुजुर्ग महिला के लाखों रुपये के सोने के कंगन साफ कर दिए।
‘राम-राम’ की दुआ और फिर सब सुन्न!
घटना शनिवार शाम की है। परमार्थ निकेतन आश्रम में पिछले कई वर्षों से रह रही विजया शर्मा रोज की तरह गंगा आरती में शामिल होने के लिए घाट की तरफ बढ़ रही थीं। तभी आश्रम के मुख्य गेट के पास एक अज्ञात शख्स ने उन्हें रोका। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने बेहद शालीनता से बात शुरू की और महिला को अपनी बातों के जाल में ऐसा उलझाया कि महिला सम्मोहित हो गई। जादू-टोना कहें या सम्मोहन का असर, महिला को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि कब उस अजनबी ने उनके दोनों हाथों में पहने सोने के भारी कंगन उतार लिए। वारदात को अंजाम देकर आरोपी पलक झपकते ही भीड़ में गायब हो गया। कुछ देर बाद जब गंगा घाट पर आरती शुरू हुई और महिला की चेतना वापस लौटी, तो उनके हाथों से कंगन गायब थे। सूने हाथ देख महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने तुरंत रोते हुए अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। घटना के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। कोतवाली लक्ष्मणझूला के प्रभारी निरीक्षक सूर्य भूषण नेगी ने बताया कि पीड़ित महिला की तहरीर पर अज्ञात ठग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आश्रम और उसके आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि आरोपी का हुलिया साफ हो सके। पुलिस की खुफिया टीमें ऐसे गिरोहों का इनपुट जुटा रही हैं जो अक्सर धार्मिक पर्यटन स्थलों पर सीधे-साधे श्रद्धालुओं को निशाना बनाते हैं। धार्मिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अजनबियों से दूरी बनाकर रखें। कोई कितना भी मजबूर या संस्कारी बनकर बात करे, उसकी बातों में न आएं। सम्मोहन या नजराबंदी करने वाले लोग पहले आपका ध्यान भटकाते हैं और फिर कीमती सामान पार कर देते हैं। कोई भी संदिग्ध दिखे, तो तुरंत पुलिस को बताएं।
