
टिहरी गढ़वाल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्वेता चौबे ने अपराधियों, नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसे तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है और जनता का विश्वास जीतना ही टिहरी पुलिस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
गुरुवार को पुलिस लाइन चंबा में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी एवं पुलिस सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए एसएसपी ने नागरिक केंद्रित पुलिसिंग, ई-एफआईआर, कानून व्यवस्था और समयबद्ध विवेचनाओं पर विशेष जोर दिया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 30 पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया गया और साइबर जागरूकता पुस्तिका का विमोचन भी हुआ।
पुलिस कर्मियों की समस्याएं सुनीं, 30 “Employee of the Month” सम्मानित
बैठक की शुरुआत पुलिस कर्मियों की समस्याओं और सुझावों को सुनने से हुई। एसएसपी ने पुलिस बल के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक प्रेरित और संतुष्ट पुलिस बल ही जनता को बेहतर सेवाएं दे सकता है। सराहनीय कार्य करने वाले 30 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को “Employee of the Month” सम्मान से नवाजा गया।

साइबर जागरूकता पुस्तिका का विमोचन
डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए एसएसपी श्वेता चौबे ने एक विशेष साइबर जागरूकता पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों से बचने के लिए जन-जागरूकता ही सबसे प्रभावी कवच है। सभी थाना प्रभारियों को इस पुस्तिका की जानकारियों को आमजन तक पहुंचाने और व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
अपराध गोष्ठी में एसएसपी द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश:
अपराध व नशे पर प्रहार: अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाए। “नशा मुक्त भारत पखवाड़ा” के तहत युवाओं को जागरूक किया जाए।
संवेदनशील व्यवहार: श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय जनता के साथ पुलिस अधिकारी सहयोगात्मक और सकारात्मक व्यवहार अपनाएं। जन शिकायतों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो।
गंगा तटों पर सख्ती: मां गंगा के पावन तटों और सार्वजनिक स्थलों पर शराब पीने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ड्रंक एंड ड्राइव और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा न जाए।

महिला सुरक्षा व गुमशुदा तलाश: महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता से त्वरित कार्रवाई हो। महिलाओं के अज्ञात शवों की शिनाख्त और गुमशुदा लोगों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
समयबद्ध कानूनी कार्रवाई: लंबित विवेचनाओं और जांचों को समय पर पूरा कर आरोप पत्र न्यायालय भेजे जाएं। न्यायालयी आदेशों, सम्मनों और वारंटों की शत-प्रतिशत तामीली सुनिश्चित हो।
डिजिटल अपडेट्स: ई-एफआईआर प्रणाली का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाए। डायल-112 और उत्तराखंड पुलिस ऐप की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण हो तथा सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े i-RAD App पर समय से अपलोड किए जाएं।
आपदा प्रबंधन: ग्राम प्रहरियों को प्रशिक्षित किया जाए ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो सके।
विधिक समीक्षा और ये रहे उपस्थित
गोष्ठी के दौरान सहायक अभियोजन अधिकारी ने विशेष श्रेणी के अपराधों सहित अन्य महत्वपूर्ण मामलों की विधिक समीक्षा प्रस्तुत की।
इस बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक टिहरी श्री दीपक सिंह, क्षेत्राधिकारी टिहरी श्री चंद्रमोहन सिंह, सीएफओ टिहरी, जनपद के समस्त थाना व शाखा प्रभारी तथा थानों से आए पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे।
