ऋषिकेश
नीरज देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट ऋषिकेश ने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और प्रेरणादायक पहल की है। ट्रस्ट की ओर से नीलकंठ क्षेत्र से आगे स्थित द्वारीखाल गांव के एक जरूरतमंद दिव्यांग व्यक्ति को 10 हजार मूल्य की मोटरयुक्त सिलाई मशीन उपलब्ध कराई गई है। इस मशीन को बस के माध्यम से सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। जिससे वह घर बैठे सिलाई का कार्य शुरू कर सकें और अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मान के साथ कर सकें। जानकारी के अनुसार, करीब 8 वर्ष पूर्व एक गंभीर दुर्घटना में वह बुरी तरह घायल हो गए थे। जिसके कारण वह आजीवन चलने-फिरने में असमर्थ (दिव्यांग) हो गए। इस हादसे के बाद उनके परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया था, क्योंकि परिवार के पास आय का कोई पर्याप्त साधन नहीं था। यह पहली बार नहीं है जब ट्रस्ट ने उनकी सुध ली हो। इससे पहले भी नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा उन्हें दो बार व्हीलचेयर प्रदान की जा चुकी है। जिससे उन्हें आने-जाने और दैनिक जीवन की गतिविधियों में कुछ राहत मिल सके। अब उन्हें सिलाई मशीन उपलब्ध कराकर ट्रस्ट ने उन्हें हमेशा के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय खुद के पैरों पर खड़े होने का संबल दिया है।

“सहायता नहीं, स्वावलंबन है उद्देश्य”
ट्रस्ट का मानना है कि दिव्यांगजनों को केवल थोड़े समय की मोहताज मदद देने से उनका जीवन स्थायी रूप से बेहतर नहीं हो सकता। असली सेवा उन्हें स्वावलंबी बनाना है ताकि वे अपनी आजीविका खुद कमा सकें और अपने परिवार की हर जिम्मेदारी को गर्व व सम्मान के साथ निभा सकें।
“सेवा ही संकल्प, आत्मनिर्भरता ही लक्ष्य” के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रहे इस ट्रस्ट की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत है।
संस्थापक: डॉ. नीरजा गोयल
सह-संस्थापक: नूपुर गोयल
संस्था: नीरजा देवभूमि चैरिटेबल ट्रस्ट, ऋषिकेश
