

ऋषिकेश
रक्षाबंधन पर अपनों से मिलने और भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधने की उम्मीद लेकर निकले हजारों यात्रियों को ऋषिकेश रोडवेज बस स्टैंड पर भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। त्यौहार के मौके पर परिवहन निगम की तैयारियों के बड़े-बड़े दावे उस वक्त हवा-हवाई साबित हुए, जब बस अड्डे पर बसों की किल्लत के चलते अव्यवस्था दिखी।
घंटों इंतजार, उमस भरी गर्मी और यात्रियों का बेहाल मन
त्यौहार की सुबह से ही ऋषिकेश बस स्टैंड पर यात्रियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। कुछ ही देर में यात्रियों की भीड़ और बसों की कमी देखी गई। उमस भरी गर्मी और तेज धूप के बीच छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ यात्री घंटों तक बसों के इंतजार में खड़े रहे। बसों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों के सब्र का बाण टूटता नजर आया।
बस आते ही मची भगदड़, सुरक्षा नदारद
जैसे ही कोई बस स्टैंड पर दाखिल होती, उसमें सवार होने के लिए यात्रियों के बीच आपाधापी और भगदड़ जैसी स्थिति बन जाती। यात्रियों का कहना है कि त्यौहार के मद्देनजर रोडवेज प्रबंधन को अतिरिक्त बसों का इंतजाम पहले से करना चाहिए था, लेकिन मौके पर कोई ठोस व्यवस्था नहीं दिखी। त्यौहार के दिन अपनों के घर पहुंचने की जल्दी है, लेकिन यहां दो दो घंटे तक बस नहीं मिल रही। जो बस आ भी रही है, उसमें पैर रखने की जगह नहीं है।
रोडवेज प्रबंधन का दावा: बढ़ाए गए हैं फेरे
दूसरी ओर, अव्यवस्थाओं के आरोपों के बीच सहायक महाप्रबंधक (AGM) परिवहन निगम का कहना है कि त्यौहार के कारण अचानक यात्रियों की संख्या में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। यात्रियों की सहूलियत के लिए बसों के फेरे बढ़ा दिए गए हैं और स्थिति पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी को ज्यादा परेशानी न हो।
