
चमोली
सावधान अगर आप अपनी ज्वेलरी किसी सुनार के पास गिरवी रखते हैं या नया सोना खरीदते हैं, तो यह खबर आपकी नींद उड़ा देगी। पुलिस ने एक ऐसे ‘ब्लैक गेम’ का पर्दाफाश किया है। जहां सुनार के पास गिरवी रखे जाने वाला असली सोना गायब कर दिया जाता था और बदले में थमाया जाता था फर्जी हॉलमार्क वाला पीतल। मामला शुरू होता है उत्तराखंड के जोशीमठ से। जहां लवली रावत नाम की महिला ने अपनी नथ और झुमके आदय ज्वैलर्स के पास गिरवी रखे। जब पैसे लौटाकर गहने वापस मिले, तो चमक में कुछ खोट नजर आई। पड़ोसियों ने टोका, तो बाजार के दूसरे सुनारों को जेवर दिखाये। जांच में सुनारों से जवाब मिला कि मैडम यह तो नकली नथ और झुमके है। यह सुनते ही महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि जेवरों पर असली दिखाई देने वाला फर्जी हॉलमार्क लगा था। मामला एसपी सुरजीत सिंह पंवार के पास पहुंचा। पुलिस ने जाल बिछाया और सुनार बंटी कुमार निवासी बेगूसराय बिहार को धर दबोचा। पूछताछ में बंटी ने उगला कि वह असली माल गायब कर कर्णप्रयाग में पंकज कुमार प्रभु पटना बिहार के पास जाता था। जहां पंकज ने फर्जी हॉलमार्क लगाने की मशीन अवैध रूप से लगाई है। वह कम कैरेट या नकली धातु पर चुटकियों में 20 कैरेट का असली दिखने वाला हॉलमार्क लगाता है। यह सनसनी खुलासा होने पर पुलिस भी दंग नजर आई। पुलिस ने हॉलमार्क लगाने वाली मशीन, सीपीयू, मॉनिटर, डिजिटल सेटअप और ठगी गई ज्वेलरी अपने कब्जे में ले ली है। यह मामला सामने आने के बाद एसआई साहब ने साफ कर दिया है कि जिले के हर हॉलमार्किंग सेंटर की कुंडली खंगाली जाएगी। भारतीय मानक ब्यूरो को भी रिपोर्ट भेजी जा रही है।
