
मानवता की सेवा और रक्तदान के क्षेत्र में मिसाल कायम करने वाले ऋषिकेश निवासी रक्तमित्र रोहित बिजल्वाण को बिहार के गयाजी में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘भगत सिंह सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया है। इस राष्ट्रीय सम्मान से नवाजे जाने पर न केवल रोहित, बल्कि तीर्थनगरी ऋषिकेश का नाम भी पूरे देश में गौरवान्वित हुआ है। शहीद भगत सिंह यूथ ब्रिगेड, गयाजी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में रोहित बिजल्वाण की निस्वार्थ सेवाओं को देखते हुए उन्हें मुख्य अतिथियों के कर-कमलों द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान देने वालों में मुख्य रूप से अमित आजाद तिवारी, अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद के प्रपौत्र। अश्विनी चौबे: पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री। सोनी जी: संस्थापक, शहीद भगत सिंह यूथ ब्रिगेड।
12,000 से अधिक मरीजों की बचाई जान
रोहित बिजल्वाण पिछले कई वर्षों से रक्तदान के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह न केवल स्वयं नियमित रक्तदान करते हैं, बल्कि सोशल मीडिया और अपने नेटवर्क के माध्यम से अब तक 12,000 से अधिक जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराने में मदद कर चुके हैं। आपात स्थिति में अपने मित्रों और युवाओं की टोली को रक्तदान के लिए प्रेरित करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है।
“यह अवार्ड मेरे लिए बहुत हर्ष और गर्व का विषय है। मेरा उद्देश्य केवल अवार्ड जीतना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि रक्त के अभाव में किसी की जान न जाए। मैं युवाओं से अपील करता हूँ कि वे रक्तदान के इस महायज्ञ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।”
— रोहित बिजल्वाण (रक्तमित्र)
शहर में खुशी की लहर
रोहित को यह नेशनल अवार्ड मिलने की खबर से ऋषिकेश के सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों में खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि रोहित जैसे युवा समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो बिना किसी स्वार्थ के दिन-रात मानवता की सेवा में जुटे रहते हैं।
