ऋषिकेश
अब सावधान करने वाली बड़ी खबर आपकी स्क्रीन पर है। बता दे कि यदि आपके व्हाट्सएप पर यातायात चालान या आरटीओ भुगतान से संबंधित कोई मैसेज या अनजान फाइल आई है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए! अब साइबर ठगों ने लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने के लिए आरटीओ चालान भुगतान का नया पैंतरा खोज निकाला है। थोड़ा सा लालच या हड़बड़ाहट आपकी जीवनभर की कमाई पर भारी पड़ सकती है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला मुनिकीरेती क्षेत्र में सामने आया है। जहां पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुजरात के अहमदाबाद से एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। एसएसपी श्वेता चौबे के मुताबिक ढालवाला निवासी नरेशचंद्र रमोला को 23 अगस्त को व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध संदेश मिला। जिसमें आरटीओ चालान के नाम पर एक एपीके फाइल भेजी गई। पीड़ित ने जैसे ही चालान निपटाने के चक्कर में उस फाइल को डाउनलोड किया, शातिर ठग ने पलक झपकते ही उनके पूरे मोबाइल फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद पीड़ित के बैंक खाते में सेंध लगाकर चार लाख 40 हजार की मोटी रकम उड़ा दी।
अहमदाबाद में दबिश देकर आरोपी गिरफ्तार
वारदात के बाद पीड़ित की तहरीर पर मुनिकीरेती पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। एसएसपी श्वेता चौबे के सख्त निर्देशों के बाद मामले की जांच साइबर सेल के उपनिरीक्षक संजीव थपलियाल को सौंपी गई। साइबर सेल ने सर्विलांस, डिजिटल पदचिह्नों और तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी का सुराग जुटाया। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस टीम ने सीधे गुजरात के अहमदाबाद में छापेमारी की और आरोपी पटेल कुणाल दिनेश भाई को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
साइबर पुलिस की अपील: भूलकर भी न करें ये गलतियां
चालान के नाम पर हो रही इस नई ठगी से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने आम जनता के लिए गाइडलाइन जारी की है।
अनजान एपीके फाइल कभी डाउनलोड न करें: व्हाट्सएप या एसएमएस पर मिलने वाली किसी भी ऐसे लिंक या फाइल को ओपन न करें जिसके अंत में .apk लिखा हो।
आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें: आरटीओ चालान का भुगतान केवल और केवल भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in पर जाकर ही करें।
व्हाट्सएप पर चालान नहीं भेजता RTO: परिवहन विभाग कभी भी व्हाट्सएप मैसेज के जरिए ऐप इंस्टॉल कराकर चालान का भुगतान नहीं मांगता।
तुरंत करें शिकायत: यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है, तो बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
