ऋषिकेश
राजकीय कोष से भुगतान समेत छह सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। मांगों पर शीघ्र कार्रवाई न होने पर कर्मचारियों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बस अड्डा परिसर में उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की ऋषिकेश शाखा की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रमुख मांगें
यूनियन के अध्यक्ष संजय वर्मा ने बैठक में मुख्य मांगों को दोहराते हुए बताया कि:
हिमाचल रोडवेज की तर्ज पर राजकीय कोष से भुगतान किया जाए।
नियमित होने तक उपनल के समान विशेष श्रेणी, संविदा, आउटसोर्स चालकों-परिचालकों और विशेष श्रेणी तकनीकी कर्मचारियों को 30,447 रुपये प्रतिमाह भुगतान मिले।
हर महीने की 7 तारीख से पूर्व वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों के सभी लंबित देयकों का तत्काल भुगतान हो।
निगम में आउटसोर्स पर तैनात चालक-परिचालकों और अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को निगम कर्मचारी घोषित किया जाए।
आगामी महाकुंभ से पूर्व निगम के बेड़े में 500 एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएं।
आंदोलन की रूपरेखा
यूनियन के महामंत्री संदीप कश्यप ने कहा कि मांगों की लगातार हो रही अनदेखी के कारण कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक और मानसिक दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रांतीय आह्वान पर कर्मचारियों ने आंदोलन की पूरी तैयारी कर ली है:
चेतावनी: यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो कर्मचारी 23 नवंबर को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बावजूद यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 30 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बैठक में प्रांतीय उपाध्यक्ष केपी सिंह, क्षेत्रीय मंत्री परमजीत सिंह, जितेंद्र कुमार, कुलदीप कुमार, पवन कुमार, अंकित खोखर, रामवीर सिंह, परमिंदर सिंह, धीरज पांडे, गोपाल सैनी, अतुल कुमार, कृष्ण गोपाल, अफजल और राहुल समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
