

ऋषिकेश
हल्द्वानी में बीते 8 अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ का मामला अब गरमा गया है। घटना के तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस कार्रवाई न होने से नाराज महानगर कांग्रेस कमेटी ऋषिकेश ने सोमवार को कोतवाली में तहरीर देकर 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने इस कृत्य को सामाजिक भेदभाव और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला करार दिया है।
सामाजिक समरसता पर प्रहार: जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल और महानगर अध्यक्ष ललित मोहन मिश्र ने कहा कि देश के वरिष्ठ नेता के कार्यक्रम के बाद मंच का शुद्धिकरण करना अपमानजनक मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस किसी भी प्रकार के सामाजिक भेदभाव को बर्दाश्त नहीं करेगी।

सवालों के घेरे में पुलिस प्रशासन: प्रदेश महासचिव जयेंद्र रमोला और पूर्व कबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि सरकार एक तरफ समरसता की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक रूप से हुई इस घटना पर पुलिस की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है।
लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान: प्रदेश उपाध्यक्ष विजय सारस्वत और प्रदेश सचिव एड. राकेश सिंह ने स्पष्ट किया कि विचारों का विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी की सामाजिक पहचान को निशाना बनाना स्वीकार्य नहीं है।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने तहरीर पर तत्काल संज्ञान लेकर राजनीतिक दबाव से मुक्त निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की, तो पार्टी उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाएगी और सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी।
तहरीर देने पहुंचे प्रमुख नेता
कोतवाली में तहरीर देने वालों में मदन मोहन शर्मा, अरविन्द जैन, महंत विनय सारस्वत, महिला अध्यक्ष पुष्पा मिश्रा, डोईवाला प्रमुख गौरव सिंह गिन्नी, इंद्रजीत सिंह, राकेश अग्रवाल, रवि कुमार जैन, भगवान सिंह पँवार, ऋषि सिंघल, विनोद रतूड़ी, सूरत सिंह कोहली, सुनील कुमार बर्मन, अमिताभ प्रसाद, शशि सरन, रजनीकांत रंजन, अमित शाह, पुरंजय भारद्वाज, ओमसिंह पंवार और अम्बिका गौड़ सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
