

मुनिकीरेती
मानसून की भयानक बारिश, उफान पर नदियाँ और 40 लाख श्रद्धालुओं का सैलाब… चुनौती बहुत बड़ी थी, लेकिन उत्तराखंड पुलिस और सुरक्षाबलों के हौसले के आगे हर मुश्किल छोटी साबित हुई! 12 दिनों तक चले एशिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक—कांवड़ मेले के ऐतिहासिक और सुरक्षित समापन पर मुनिकीरेती थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध भद्रकाली मंदिर में एक भव्य कार्यक्रम और भंडारे का आयोजन किया गया।
🔥 शून्य जनहानि: SDRF और जल पुलिस ने रचा इतिहास!
मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि भीषण मानसूनी परिस्थितियों के बावजूद डूबने की एक भी घटना नहीं हुई! SDRF और जल पुलिस की 24×7 सजगता ने इस मेले को “जीरो-कैजुअल्टी” कांवड़ यात्रा बना दिया, जिसकी चारों तरफ सराहना हो रही है।

🎖️ ‘रीयल हीरोज’ का सम्मान: गदगद हुए खाकी के जांबाज
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एसएसपी श्वेता चौबे ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मेले को जीरो-एरर के साथ सफल बनाने वाले पुलिसकर्मियों, SDRF, जल पुलिस और ट्रैफिक वॉलिंटियर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों और जवानों के चेहरे पर कठिन ड्यूटी के बाद मिली इस सराहना की खुशी साफ दिखाई दे रही थी।
“मानसून और भारी बारिश के बीच 40 लाख कांवड़ियों को सुरक्षित निकालना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। हमने पूरे क्षेत्र को 3 सुपर ज़ोन में बाँटकर 24×7 पेट्रोलिंग की। ढालवाला, तपोवन, ब्रह्मपुरी, गरुड़चट्टी से लेकर बद्रीनाथ-केदारनाथ मार्ग तक अभेद्य सुरक्षा का घेरा था।”

— श्वेता चौबे, एसएसपी
🚨 खबर के मुख्य आकर्षण
40 लाख+ श्रद्धालु: इतने बड़े जनसैलाब का कुशल प्रबंधन।
3 सुपर ज़ोन: पूरे क्षेत्र में पुलिस का अभेद्य सुरक्षा चक्र और त्वरित रिस्पॉन्स।
जीरो एक्सीडेंट रिकॉर्ड: SDRF और जल पुलिस की चौकसी से कोई जनहानि नहीं।
24×7 मुस्तैदी: ढालवाला से लेकर चारधाम मार्गों तक यातायात रखा गया बिल्कुल सुचारू।
