

रायवाला
उत्तराखंड के रायवाला से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर आम जनता तक के होश उड़ा दिए हैं। कांवड़ यात्रा के बीच अचानक गायब हुए एक श्रद्धालु की तलाश जब शुरू हुई, तो उसके पीछे छिपा निकला एक भयानक और खौफनाक सच!
😱 नींद का एक झोंका… और मिटा दिए जिंदगी के वजूद!
26 जुलाई की वो मनहूस सुबह। रायवाला बाजार के पास रफ्तार से दौड़ती एक मैक्स गाड़ी (UK02TA-1488) के चालक रविन्द्र सिंह नेगी को गाड़ी चलाते वक्त अचानक झपकी आ जाती है। बेकाबू गाड़ी सड़क पर पैदल चल रहे दो कांवड़ियों को रौंदते हुए निकल जाती है।
राजस्थान निवासी सत्यनारायण लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ता है, जिसकी अस्पताल में मौत हो जाती है। लेकिन असली खौफनाक खेल तो दूसरे कांवड़िए (हरियाणा निवासी 54 वर्षीय प्रदीप राठी) के साथ शुरू होता है!
🚗 गाड़ी में फंसा शव… और शुरू हुआ पाप छिपाने का खूनी खेल!
टक्कर इतनी भयानक थी कि प्रदीप राठी गाड़ी में ही फंसकर काफी दूर तक घसीटते चले गए। हादसे के बाद खौफ में आए चालक रविन्द्र ने अस्पताल जाने के बजाय अपने मौसेरे भाई सौरभ पंवार को फोन घुमाया। फिर दोनों भाइयों ने कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए रचा एक शर्मनाक और खौफनाक षड्यंत्र!
साक्ष्य मिटाने की साजिश: दोनों ने मिलकर मृतक प्रदीप राठी के शव को एक पीली प्लास्टिक की तिरपाल और मैट में लपेटा, गाड़ी में लादा और सुनसान जगह की तलाश में निकल पड़े। आखिर में रुड़की के पास आसफनगर झाल के पास गंगनहर के उफनते पानी में शव को फेंककर फरार हो गए!
🔍 ‘कैमरे की नज़र’ और पुलिस की कड़ाई: खुल गया राज!
परिजनों की तहरीर पर जब एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस टीम ने रायवाला थाने के सीसीटीवी खंगाले, तो हर कड़ी जुड़ती चली गई। गायब कांवड़िए का वक्त और दुर्घटना का समय एक निकला!
जब संदिग्ध मैक्स चालक को उठाकर थाने लाया गया और खाकी का डंडा चला, तो उसने टूटकर सारा सच उगल दिया।
🚨 पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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- दोनों आरोपी गिरफ्तार: मुख्य आरोपी रविन्द्र सिंह नेगी और साजिशदार मौसेरा भाई सौरभ सिंह पंवार सलाखों के पीछे।
- बरामदगी: हत्या जैसे साक्ष्य छिपाने में इस्तेमाल मैक्स वाहन (UK02TA-1488), प्लास्टिक की पीली तिरपाल और मैट जब्त।
- तलाश जारी: गंगनहर के गहरे पानी में अभी भी मृतक प्रदीप राठी के शव को गोताखोरों की मदद से तलाशा जा रहा है।
रायवाला पुलिस का साफ़ संदेश: गुनाह कितना भी छिपाने की कोशिश कर लो, दून पुलिस के चंगुल से बचना नामुमकिन है!
