
जयपुर
राजस्थान पुलिस की एसओजी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साल 2022 की स्कूल व्याख्याता हिंदी प्रतियोगी परीक्षा में डमी कैंडिडेट यानि कि फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा पास करने वाले मूल अभ्यर्थी और इस पूरे खेल के मुख्य दलाल को गिरफ्तार कर लिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किया गया मुख्य दलाल वर्तमान में एम्स ऋषिकेश, उत्तराखंड में एक जिम्मेदार पद पर तैनात है। आरोपियों की पहचान दलपत लाल मीणा मूल अभ्यर्थी, निवासी- ग्राम कोड्याई, थाना बौली, जिला सवाई माधोपुर, राजस्थान और रुकमकेश मीणा मुख्य मध्यस्थ/दलाल, निवासी- भंवरपुरा, जिला करौली, वर्तमान पद- सहायक प्रशासनिक अधिकारी, एम्स ऋषिकेश, उत्तराखंड के रूप में हुई है। SOG के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस विशाल बंसल के मुताबिक, यह मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर द्वारा 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित की गई प्राध्यापक हिंदी स्कूल शिक्षा परीक्षा से जुड़ा है। आरोपी अभ्यर्थी दलपत लाल मीणा को बिना परीक्षा दिए पास करवाने और चयन दिलाने के लिए दलाल रुकमकेश मीणा ने 15 लाख रुपये में सौदा तय किया था। इस सौदे के तहत दलपत लाल ने रुकमकेश को जयपुर और अलग-अलग ठिकानों पर कुल 15 लाख रुपये नकद दिए थे। जांच में सामने आया कि परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाने के लिए शातिर तरीके से दस्तावेजों में हेरफेर किया गया। उपस्थिति पत्रक और ऑनलाइन आवेदन पत्र में मूल अभ्यर्थी दलपत लाल मीणा की फोटो की जगह किसी अन्य व्यक्ति की फोटो प्रिंट कर अपलोड की गई। आरोपी दलपत लाल मीणा की वास्तविक जन्मतिथि 15.07.1986 थी, जिसे एडिट करके 15.07.1997 कर दिया गया ताकि डमी कैंडिडेट से उसका मिलान आसानी से किया जा सके। इसके बाद दलपत लाल मीणा के स्थान पर दो डमी परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलाई गई और उसे उत्तीर्ण करवाया गया। इस मामले को लेकर SOG थाना जयपुर में मई 2024 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं 419, 420, 467, 468, 471, 120B और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय अधिनियम 2022 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। SOG अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब इस गिरोह से जुड़े दो डमी परीक्षार्थियों और परीक्षा के इस जाल में शामिल अन्य संदिग्ध मध्यस्थों व आरोपियों की तलाश में आगे की जांच व अनुसंधान तेजी से जारी है।
