
ऋषिकेश
क्लास 12वीं की उत्तराखंड बोर्ड परीक्षाओं के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इस वर्ष सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ऋषिकेश के आर्यन जाटव ने 97.8% अंकों के साथ प्रदेश की वरीयता सूची में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया है। आर्यन की इस असाधारण सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प की कहानी है। यहां उनके सफर के कुछ मुख्य बिंदु दिए गए हैं।
💡 सफलता का मंत्र: निरंतरता और अनुशासन
आर्यन ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी अनुशासित जीवनशैली को दिया है। उन्होंने बताया कि वह स्कूल से आने के बाद प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई करते थे। उन्होंने पिछले दो वर्षों से लगातार इसी शेड्यूल का पालन किया। उनका मानना है कि किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए निरंतर प्रयास ही एकमात्र कुंजी है। उन्होंने कम अंक लाने वाले छात्रों को भी हौसला अफजाई करते हुए कहा कि वह निराश ना हो और फिर से प्रयास करके इस मुकाम को हासिल करने की कोशिश करें।

📱 तकनीक का सही उपयोग
आज के दौर में जहां मोबाइल फोन छात्रों के लिए व्याकुलता का कारण बनता है, वहीं आर्यन ने इसे एक अवसर के रूप में देखा।आर्यन ने मोबाइल का उपयोग केवल अपनी पढ़ाई और महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए किया। उन्होंने अन्य छात्रों को भी सलाह दी कि वे मोबाइल का दुरुपयोग न करें और इसे केवल शिक्षा के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करें।
👨👩👦 परिवार का अटूट सहयोग
आर्यन के अनुसार, उनकी इस उपलब्धि में उनके माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद (घर में केवल दो कमरे), उनके माता-पिता ने उनकी पढ़ाई में कभी कोई बाधा नहीं आने दी। जब आर्यन देर रात तक पढ़ते थे, तब उनके माता-पिता भी लाइट में ही सोते थे ताकि उन्हें कोई परेशानी न हो। परिवार के इसी त्याग और समर्थन ने आर्यन को हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आर्यन की यह सफलता प्रदेश के अन्य छात्रों के लिए एक प्रेरणा है, जो यह साबित करती है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।
……जब स्कूल में भावुक हुई माता
आर्यन ने बताया कि उनकी माता विनीता एक ग्रहणी है और उन्होंने हमेशा शिक्षा के क्षेत्र में उन्हें पूरा समर्थन दिया है। उनके पिता बाजार में एक मोटर मैकेनिक है। आज उनके माता-पिता भी उनकी इस अपार सफलता को लेकर प्रसन्नचित हैं। स्कूल पहुंची माता विनीता अपने बेटे की सफलता को लेकर जहां खुश नजर आई वही वह एक पल के लिए बेटे की खुशी में भावुक भी हुई।
