ऋषिकेश
बचपन में आंखों की कमजोरी अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है, लेकिन समय पर जांच और सही उपचार बच्चों के भविष्य को नई रोशनी दे सकता है। इसी संदेश के साथ विश्व दृष्टि दिवस पर नेगी आई केयर सेंटर, ऋषिकेश एवं रोटरी ऋषिकेश क्लासिक के संयुक्त तत्वावधान में मालवीय मार्ग स्थित ब्रह्मदेवी राजकीय प्राथमिक विद्यालय नंबर-7 में निशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में तीन दर्जन से अधिक स्कूली बच्चों की आंखों की जांच की गई।
शिविर का शुभारंभ रोटरी ऋषिकेश क्लासिक के संस्थापक राकेश अग्रवाल और विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ममता गौड़ ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
नेगी आई केयर सेंटर के निदेशक डॉ. राजे नेगी ने सहयोगी मनोज नेगी के साथ बच्चों की दृष्टि और कलर विजन की स्क्रीनिंग की। जांच में कुछ बच्चों की दूर की नजर कमजोर पाई गई। ऐसे बच्चों को चिकित्सकीय परामर्श देते हुए चश्मे के उपयोग की सलाह दी गई।

मोबाइल की स्क्रीन से ज्यादा जरूरी आंखों की सेहत
डॉ. राजे नेगी ने बच्चों को आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि दृष्टि है तो सृष्टि है। आंखें स्वस्थ रहेंगी तो बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपने सपनों को भी बेहतर ढंग से साकार कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आंखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार जरूरी है। बच्चों को हरी सब्जियां, मौसमी फल और दूध को अपने भोजन में शामिल करने की सलाह दी गई। उन्होंने मोबाइल फोन, टीवी और कंप्यूटर के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने तथा लंबे समय तक स्क्रीन देखने के बीच आंखों को पर्याप्त आराम देने की भी अपील की।
जरूरतमंद बच्चों को मिलेगी पाठ्य सामग्री
रोटरी ऋषिकेश क्लासिक के संस्थापक राकेश अग्रवाल ने कहा कि क्लब की ओर से जल्द ही विद्यालय के जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े सामाजिक कार्यों को आगे भी प्राथमिकता के साथ जारी रखा जाएगा। शिविर के आयोजन में रोटरी ऋषिकेश क्लासिक के अध्यक्ष संजय सकलानी, सचिव विजय रावत, कोषाध्यक्ष हिमांशु गुप्ता तथा विद्यालय की शिक्षिकाओं रेनू वर्मा और बीना शर्मा का विशेष सहयोग रहा।
शिविर के माध्यम से बच्चों और विद्यालय परिवार को यह संदेश दिया गया कि आंखों की नियमित जांच, पौष्टिक आहार और डिजिटल स्क्रीन का संतुलित इस्तेमाल ही बेहतर नेत्र स्वास्थ्य की कुंजी है।
