ऋषिकेश
ऋषिकेश में विकास कार्यों के नाम पर जगह-जगह खोदी जा रही सड़कें अब आम जनता के लिए भारी मुसीबत का कारण बन गई हैं। सड़कों पर बने गड्ढों के कारण जहां लोगों का आवागमन बाधित हो रहा है, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित होती हुई दिखाई दे रही है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि टूटी सड़कों से लगातार उड़ती धूल का गुबार लोगों के सांसों पर संकट खड़ा कर रहा है। डॉक्टरों ने बढ़ती धूल और प्रदूषण को लेकर गंभीर चिंता जताई है। ऋषिकेश के उप जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ सर्जन डॉ. लोकेश सलूजा और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ राजे नेगी ने बताया कि शहर में चल रहे निर्माण कार्यों के कारण धूल बहुत अधिक उड़ रही है। धूल का सबसे अधिक दुष्प्रभाव आंख, नाक, सांस व दिल की बीमारियों मरीजों पर पड़ रहा है। जिससे उनकी परेशानी काफी बढ़ सकती है। छोटे बच्चे अधिक संवेदनशील होते हैं, इसलिए यह धूल उनके लिए भी बीमारियों का बड़ा कारण बन सकती है। बदलते मौसम के कारण पहले से ही कफ और कोल्ड की समस्या बढ़ रही है, और यह धूल इस समस्या को और अधिक बढ़ावा दे रही है।
डॉक्टरों द्वारा बचाव के मुख्य उपाय
डॉ. सलूजा और डॉ राजे नेगी ने लोगों को इस स्थिति से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
मास्क का प्रयोग: घर से बाहर निकलते समय मास्क अवश्य पहनें।
हाइड्रेशन (पर्याप्त पानी): शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें।
अधिक धूल वाले क्षेत्रों से बचें: जहां बहुत अधिक धूल उड़ रही हो, उन रास्तों पर जाने से बचें और खुद का बचाव रखें।
घरों से निकलते समय चश्मा का उपयोग करें। बार-बार हाथों को धोते रहें और आंखों को भी साफ पानी से धोने का काम करें। सुबह-शाम आंखों में गुलाब जल डालें। जलन होने पर नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करें।
