

ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में आवारा पशुओं का आतंक लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। बीते सोमवार की रात IDPL हॉकी ग्राउंड के पास घटी एक दर्दनाक घटना में 48 वर्षीय आनंद कुमार निवासी मीरा नगर की आवारा सांड से टक्कर होने के बाद मौत हो गई। इस हादसे ने एक तरफ जहां पीड़ित परिवार की खुशियां छीन ली हैं, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम और संबंधित विभागों की उदासीन कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गंभीर रूप से घायल आनंद ने अस्पताल में तोड़ा दम
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए IDPL चौकी इंचार्ज अमित कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े 9 बजे आनंद कुमार बाजार से अपने घर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर घूम रहे एक आवारा सांड से उनकी भिड़ंत हो गई। टक्कर लगते है वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए एम्स ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

तीन बेटियों के सिर से उठा पिता का साया, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक आनंद अपने पीछे तीन बेटियों को छोड़ गए हैं। सूत्रों के अनुसार परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नही है। ऐसे में घर के एकमात्र कमाऊ मुखिया की असमय मौत से तीनों बेटियों के पालन-पोषण, शिक्षा और भविष्य को लेकर गहरा संकट पैदा हो गया है। इस घटना से पूरे मीरा नगर क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, नगर निगम पर लापरवाही के आरोप
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि IDPL सहित ऋषिकेश के अधिकांश मुख्य मार्गों और गलियों में लंबे समय से आवारा सांड और अन्य मवेशी खुलेआम घूमते रहते हैं। आए दिन ये पशु राहगीरों को चोटिल करते हैं और हादसों का कारण बनते हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम और प्रशासन से बार-बार शिकायतें करने के बावजूद सिर्फ औपचारिक कार्रवाई की जाती है, जिसका नतीजा आज एक बेगुनाह की जान जाकर भुगतना पड़ा है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:
इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय की जाए।
पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
अनाथ हुई तीनों बेटियों की मुफ्त शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकारी स्तर पर विशेष मदद दी जाए।
30 जुलाई को नगर निगम के घेराव का प्लान
इस दुखद घटना के बाद स्थानीय जनता और सामाजिक कार्यकर्ताओं में शामिल सुधीर राय व अन्य लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। नागरिकों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर 30 जुलाई को नगर निगम का घेराव किया जाएगा।
यह हादसा एक बार फिर शासन-प्रशासन के सामने बड़ा सवाल छोड़ गया है कि आखिर कब तक जिम्मेदार विभाग हादसों के बाद ही नींद से जागेंगे और कब ऋषिकेश की जनता को इन जानलेवा आवारा पशुओं से निजात मिलेगी?
