
रुड़की
भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तराखंड विजिलेंस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज देहरादून सतर्कता सेक्टर की टीम ने रुड़की तहसीलदार कार्यालय में तैनात एक पीआरडी कर्मी को रिश्वत के मामले में रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी कर्मी पर साक्ष्य मिटाने का भी गंभीर आरोप लगा है। एक पीड़ित शिकायतकर्ता ने विजिलेंस के टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, संदीप कुमार नाम का एक पीआरडी कर्मी, जो वर्तमान में तहसीलदार कार्यालय रुड़की में पेशकार का काम देख रहा है, शिकायतकर्ता की बहन की भूमि के दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) को सरकारी रजिस्टर में चढ़वाने के एवज में 4,500 की रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता के आरोपों की शुरुआती जांच करने पर मामला प्रथम दृष्टया सही पाया गया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता सेक्टर, देहरादून के निर्देश पर तुरंत एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। आज दिनांक 19 जून 2026 को ट्रैप टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान संदीप कुमार पुत्र बीरबल (निवासी थिथोला, थाना मंगलौर जिला हरिद्वार के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी संदीप कुमार ने चालाकी दिखाते हुए रिश्वत की धनराशि को मौके से एक अज्ञात व्यक्ति को सौंप दिया और उसे वहां से भगा दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। विजिलेंस टीम ने आरोपी को रिश्वत की मांग करने और साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में तहसीलदार कार्यालय रुड़की से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ थाना सतर्कता सेक्टर, देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और साक्ष्य मिटाने की संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। विजिलेंस टीम अब उस अज्ञात व्यक्ति की भी तलाश कर रही है जो रिश्वत की रकम लेकर फरार हुआ है। विजिलेंस विभाग ने एक बार फिर जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1064 पर सूचना दें।
