ऋषिकेश
हरिद्वार ऋषिकेश नेशनल हाईवे और हरिद्वार बाइपास को जोड़ने वाला मनसा देवी फाटक और तिराहा मौत का कुंआ बनता हुआ दिखाई दे रहा है। दिनभर में गुजरने वाली 36 ट्रेनों के बीच यहां जो ट्रैफिक का खेल चल रहा है, वह किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि भीषण और खतरनाक स्थिति के बावजूद जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं और जनता अपनी जान हथेली पर लेकर चलने को मजबूर है। मनसा देवी रेल फाटक के ट्रैक से रोजाना 36 ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन ट्रैक पर रुकने वाले वाहनों की वजह से क्रॉसिंग पर फाटक का समय से बंद न होना चुनौती बनता जा रहा है। अंधाधुंध ट्रैफिक के कारण वाहन सीधे रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच फंस रहे हैं। यहां जरा सी चूक बड़े हादसे की वजह बन सकती है। हालात इतने बदतर हैं कि रेलवे के कर्मचारियों को खुद जान जोखिम में डालकर ट्रैक पर आकर वाहनों को रोककर फाटक बंद कराना पड़ रहा है। जनता का सीधा और तीखा सवाल है कि क्या प्रशासन को यहां किसी भयानक ट्रेन हादसे का इंतज़ार है। खास बात यह है कि रेलवे ट्रैक के पास हाइवे पर हुए गड्ढे ट्रैफिक की रफ्तार को रोकने का काम कर रहे हैं। जो इस समस्या को और ज्यादा बढ़ा रहा है। मामले में मुरादाबाद मंडल के रेलवे प्रबंधक महेश यादव ने बताया कि मामले की जानकारी जुटाई जाएगी। जन सुरक्षा के उपाय किए जाएंगे। टीएसआई रविकांत ने बताया कि जाम लगने पर मौके पर पुलिसकर्मियों को भेजा जाता है। निरंतर ड्यूटी लगाने के प्रयास किए जाएंगे।
- रॉन्ग साइड का खूनी खेल: रोज़ लगने वाले महाजाम से बचने के लिए ड्राइवर हाईवे पर उल्टी दिशा (रॉन्ग साइड) में गाड़ियां दौड़ा रहे हैं, जिससे आम चालकों की जान पर हर पल तलवार लटकी रहती है।
- पुलिस नदारद, रामभरोसे ट्रैफिक: जिस तिराहे पर हर सेकंड हादसा होने का खतरा हो, वहाँ ट्रैफिक पुलिस या सीपीयू का एक अदद सिपाही तक तैनात नहीं है।
😡 जनता का फूटा गुस्सा: क्या किसी लाश पर गिरेगी अफसरों की गाज?
स्थानीय निवासी रोहित गुप्ता, अनुज नेगी, परमजीत सिंह, अनिकेत भारद्वाज और आशा देवी का खून खौला हुआ है। उनका साफ कहना है कि पर्यटक सीजन हो या त्योहारों की भीड़, यह तिराहा लोगों के लिए आफत बन जाता है। वाहन सीधे पटरियों पर बंद हो जाते हैं और लोग खुद ट्रैफिक संभालते दिखते हैं।
