

ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में दिल दहला देने वाले अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अभी शहर के एक होटल में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला पूरी तरह ठंडा भी नहीं पड़ा था कि सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की एक और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आ गई है। करीब दो महीने पहले 16 साल की मासूम के साथ हुई इस हैवानियत के मामले में ऋषिकेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है।
नशे की हालत का उठाया फायदा, गोदाम में रची साजिश
घटना की परतें खुलीं तो रूह कांप उठी
कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी ने बताया कि मामला 1 जुलाई का है, जब 16 वर्षीय पीड़िता अपनी परिचित के साथ आईडीपीएल इलाके में गई थी। वहां सहेली के पहचान वाले घात लगाए बैठे युवकों ने दोनों को शराब पिलाई। जब वह अत्यधिक नशे की हालत में बेसुध हो गई, तो आरोपियों ने आईडीपीएल स्थित एक सुनसान गोदाम में उसके साथ दरिंदगी और अश्लील हरकतें कीं। पीड़िता के भाई की शिकायत के बाद पुलिस ने जब गहराई से तफ्तीश की, तो इस खौफनाक साजिश की परतें एक-एक कर उधड़ती चली गईं।
गैंगरेप और पॉक्सो की संगीन धाराओं में कसे आरोप
पुलिस की कड़ी पूछताछ और पुख्ता सबूतों के आधार पर केस में सामूहिक दुष्कर्म (धारा 70(2) BNS) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की बेहद कड़ी धाराएं बढ़ाई गईं।
पुलिस के मुताबिक
गोविंद और दीपक उर्फ डीपी: इन दोनों दरिंदों ने नाबालिग पीड़िता के साथ यौन अपराध (गैंगरेप) को अंजाम दिया।
शिवम उर्फ शुभम: इसने पीड़िता को जाल में फंसाकर लाने और इस पूरी खौफनाक साजिश को रचने का काम किया।
हथकड़ी में पहुंचे तीनों आरोपी
शिवम उर्फ शुभम (19 वर्ष) – निवासी रुड़की, हरिद्वार।
गोविन्द (21 वर्ष) – निवासी श्यामनगर, रुड़की, हरिद्वार।
दीपक उर्फ डीपी (20 वर्ष) – निवासी सुनहैरा, रुड़की, हरिद्वार।
प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट की अगुवाई वाली पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। लगातार सामने आ रही इन वारदातों से पूरा इलाका सहमा हुआ है।
