

खाकी का सख्त पहरा, जनता का करारा जवाब
विरोध करने पर महिला पर दागे थप्पड़, मुस्तैद स्थानीय लोगों ने दौड़ाकर दबोचा; देहरादून से किराए की बाइक लेकर पहुंचे थे जम्मू-कश्मीर के दो बदमाश
सड़क पर हैवानियत, फिर जनता का ‘एक्शन’!
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में बेखौफ बदमाशों के हौसले पस्त करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। बैराज कॉलोनी में दिनदहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे दो शातिर बदमाशों को स्थानीय लोगों ने अपनी जान पर खेलकर धर दबोचा। विरोध करने पर महिला के साथ मारपीट करने वाले इन लुटेरों को जनता ने न सिर्फ मौके पर घेरा, बल्कि धुनाई के बाद सीधे खाकी के हवाले कर दिया।
दूध लेने निकली महिला बनी निशाना
घटना बीते रविवार शाम की है। 53 वर्षीय रेखा त्यागी (निवासी बैराज कॉलोनी) रोजमर्रा की तरह घर से दूध लेने के लिए निकली थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इससे पहले कि पीड़िता कुछ समझ पातीं, बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन तोड़ ली। जब महिला ने बहादुरी दिखाते हुए विरोध किया, तो हैवानियत पर उतरे बदमाशों ने उनके साथ बेदर्दी से मारपीट शुरू कर दी।
नंबर प्लेट पर टेप, दिमाग में जुर्म… लेकिन जनता पड़ी भारी!
लूट और मारपीट के बाद आरोपी बाइक से तेजी से फरार होने की फिराक में थे। लेकिन उनकी बदकिस्मती और जनता की मुस्तैदी ने सारा खेल बिगाड़ दिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास मौजूद स्थानीय लोग हरकत में आए और बदमाशों का पीछा कर उन्हें बामुश्किल दबोच लिया। सूचना मिलते ही एम्स चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को हिरासत में लेकर कोतवाली ले आई।
“आरोपियों के पास से लूटी गई सोने की चेन बरामद कर ली गई है। दोनों आरोपी बेहद शातिर हैं और उन्होंने वारदात से पहले बाइक की नंबर प्लेट को कपड़े व टेप से छिपा रखा था।”
— देवेंद्र पंवार, एम्स चौकी प्रभारी
जम्मू-कश्मीर से आए थे टूरिस्ट बनकर, पहुंचे जेल!
पुलिस पूछताछ में आरोपियों की जो कुंडली निकली, उसने सभी को हैरान कर दिया:
- पहचान: राहुल कुमार और विकास (दोनों निवासी खेल्लानी, डोडा, जम्मू-कश्मीर)।
- मास्टरप्लान: ऋषिकेश में घूमने के बहाने पहुंचे इन बदमाशों ने वारदात के लिए देहरादून के प्रेमनगर से किराए पर बाइक ली थी।
- अंजाम: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में सीधे जेल भेज दिया है।
ऋषिकेश पुलिस ने साफ़ संदेश दिया है—अपराध करने वालों की जगह सिर्फ और सिर्फ सलाखों के पीछे है!
