ऋषिकेश
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में सरगर्मी तेज होती जा रही है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आगामी विधानसभा चुनाव और पार्टी के भीतर टिकट की दावेदारी को लेकर बेबाक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए स्वाभाविक रूप से पार्टी में टिकट के कई दावेदार हैं। पार्टी में टिकट चाहना हर कार्यकर्ता का अधिकार है, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी संगठन का ही होता है। संगठन जो भी निर्देश देगा, वह उसके अनुसार काम करना पसंद करेंगी। ऋषिकेश विधानसभा सीट पर इशारे में दावेदारी करते हुए उन्होंने कहा कि वे किसी व्यक्तिगत दावेदारी की होड़ में नहीं हैं, बल्कि 24 घंटे धरातल पर काम करने वाली कार्यकर्ता हैं। पार्टी और संगठन के द्वारा जो जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, वह उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाएंगी।
अपनी जिम्मेदारियों और जनता के प्रति समर्पण को बयां करते हुए उन्होंने कहा कि वे और उनके संगठन के तमाम कार्यकर्ता सुबह से शाम तक जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का काम कर रहे हैं। महिला आयोग की जिम्मेदारी संभालते हुए महिलाओं की दिक्कतों को दूर करना और उन्हें न्याय दिलाना उनका मुख्य उद्देश्य बना हुआ है।
उत्तराखंड की राजनीति और संगठन में अपने लंबे सफर और अनुभवों को साझा करते हुए कुसुम कंडवाल ने अपने राजनीतिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2003 में जिला पंचायत सदस्य बनी थीं। इसके बाद, वर्ष 2004 में उन्होंने महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष और 2007 में महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाते हुए वह तीन बार संगठन की मुख्य इकाई (मेन बॉडी) की प्रदेश उपाध्यक्ष रहीं। इसके अलावा, उन्होंने दो बार टेलीफिल्म प्रभारी और एक बार महानगर प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभाई। संगठन चुनावों और चुनावी रणनीतियों में अपनी सक्रियता का हवाला देते हुए बताया कि उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और अन्य क्षेत्रों में पंचायत व नगरपालिका चुनावों के दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। संगठन के हर मोर्चे पर उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ कार्य किया है और यदि कोई दावेदारी की बात आती है, तो वह एक प्रबल दावेदार के रूप में सामने आती हैं।
