ऋषिकेश
ऋषिकेश में मोक्ष आनंद आश्रम मां सोसाइटी संस्था और उससे जुड़े संस्थानों में करोड़ों रुपये के घोटाले और गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। संस्था के संस्थापक अमित जैन ने कोतवाली ऋषिकेश में इस मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने अपनी विवेचना शुरू कर दी है। आज पुलिस ने संस्था के कार्यालय में जाकर दस्तावेजों की जांच की। पुलिस के मुताबिक मोक्ष आनंद आश्रम मां सोसाइटी की स्थापना वर्ष 2002 में सात लोगों ने की थी। जिसमे एक चैरिटेबल और एजुकेशनल संस्था का गठन हुआ। जिसके संस्थापक अमित जैन हैं। इस संस्था के अंतर्गत वर्ष 2005 में शीतल कॉलेज ऑफ बायोमेडिकल साइंस खोला गया, इसके बाद शीतल वैदिक संस्थान और धर्मा वैदिक संस्थान की भी शुरुआत की गई। संस्थापक अमित जैन का आरोप है कि वर्ष 2013 से 2020 के दौरान संस्था के खातों में भारी वित्तीय गड़बड़ी की गई। कोविड के समय जब उन्होंने कॉलेज का हिसाब-किताब एक अकाउंटेंट से चेक करवाया तब यह बात सामने आई कि छात्रों से ली जाने वाली फीस का लगभग 50% हिस्सा खातों और कॉलेज प्रबंधन समिति से छिपाया। इस पूरे प्रकरण में सचिन जैन ओर उसकी सहयोगी अकाउंटेंट की मिली भगत बताई गई है। फिलहाल सचिन जैन फरार है। उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। जांच में कंप्यूटर ओर सीसी कैमरे, डीबीआर व कुछ कागज पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए है। एसएसआई नवीन जोशी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कार्यालय में जाकर दस्तावेजों को चेक किया है। जल्दी ही विवेचन पूरी कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
