ऋषिकेश
ऋषिकेश में पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला पर्यटक और उसके परिवार के साथ होम स्टे संचालक ने बदसलूकी की है। एडवांस पैसे न लौटाने और धमकी देने का आरोप भी लगा है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जीरो एफआईआर के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नई दिल्ली के ग्रेटर कैलाश पार्ट-1 की रहने वाली सुशीला देवी ने अपनी शिकायत में बताया कि वह 1 मई को अपने परिवार के साथ ऋषिकेश घूमने आई। उन्होंने यहां गंगा रिवर होम स्टे में 6 दिनों के लिए बुकिंग कराई। पीड़िता का आरोप है कि जब वे होम स्टे पहुंचीं, तो वहां के कमरे बेहद गंदे थे। स्थिति को देखते हुए उन्होंने बुकिंग रद्द कर दी और संचालक से अपने एडवांस दिए गए 7 हजार रुपये वापस मांगे। आरोप है कि होम स्टे संचालक ने पैसे वापस करने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, संचालक और उसके स्टाफ ने सार्वजनिक रूप से महिला और उनके परिवार के सदस्यों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके अलावा, उन्हें डराने-धमकाने और उनके वाहन को भी जबरन रोकने का प्रयास किया गया। घटना के तुरंत बाद पीड़िता ने नई दिल्ली लौटकर ग्रेटर कैलाश थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई। दिल्ली पुलिस ने जीरो एफआईआर के तहत मामला दर्ज कर इसे आगे की कार्रवाई के लिए ऋषिकेश पुलिस को ट्रांसफर कर दिया। ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने नामजद तहरीर के आधार पर होम स्टे संचालक कार्तिक शर्मा, स्टाफ सदस्य दिव्या शर्मा और कुछ अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाली के एसएसआई नवीन जोशी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्रेटर कैलाश थाने से जीरो एफआईआर प्राप्त हो चुकी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
