

ऋषिकेश
ऋषिकेश में गुमानीवाला के गुज्जर प्लाट में एक परिवार के घर पर धावा बोलकर सरेआम गुंडागर्दी, मारपीट और तोड़फोड़ करने के हाई-प्रोफाइल आरोप में आखिरकार पुलिस का एक्शन हो गया। वारदात के पूरे 45 दिन बाद ऋषिकेश कोतवाली पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर 16 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
दरवाजा तोड़कर घुसे, सीसीटीवी फोड़े और बरपाया कहर
पुलिस को सौंपी गई तहरीर में गुज्जर प्लाट निवासी शादाब ने कईँ गम्भीर आरोप लगाते हुए वारदात का ब्योरा दिया है। आरोप है कि बीते 3 सितंबर को एक दर्जन से ज्यादा हथियारबंद और उपद्रवी तत्व जबरन उनके घर का दरवाजा तोड़कर भीतर दाखिल हो गए। आरोपियों ने सबसे पहले सबूत मिटाने की नीयत से घर में लगे सीसीटीवी कैमरों को तहस-नहस किया और फिर परिवार के सदस्यों पर टूट पड़े। शादाब और उनके परिजनों को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया, गंदी-गंदी गालियां दी गईं और सरेआम जान से मारने की धमकी देकर दहशत फैलाई गई।
कानून के शिकंजे में आए ये 16 नामजद आरोपी
पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुमानीवाला और ऋषिकेश के 16 उपद्रवियों को नामजद किया है:
गुमानीवाला निवासी: अनिल, भोला उर्फ राहुल, चमनलाल, अर्पित, ऋषिपाल, पुष्कर, सुनील कश्यप उर्फ बाला, और पुखराज अग्रवाल।
ऋषिकेश निवासी: नरेश उनियाल, आशु, सूरज अग्रवाल, अजय व्यास, शुभम नौटियाल, लक्की थापा उर्फ कांछा उर्फ प्रिंस थापा, और सत्य।
मालवीय नगर निवासी: राजेश कोठियाल।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, अब जांच का दावा
वारदात के 45 दिन बाद केस दर्ज होना कोतवाली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पीड़ित परिवार पिछले डेढ़ महीने से न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की 5 गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। श्यामपुर चौकी प्रभारी सुमित चौधरी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
