

ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती के बाद 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की दुष्कर्म संबंधी धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
स्नैपचैट पर हुई थी दोस्ती, बाहरी क्षेत्र का है आरोपी
पुलिस की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि पीड़िता और आरोपी की पहचान सोशल मीडिया ऐप Snapchat के जरिए हुई थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी, जिसके बाद आरोपी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ऋषिकेश का स्थानीय निवासी नहीं है बल्कि किसी बाहरी क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस अब आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है ताकि उसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सके।
FSL टीम ने घटनास्थल से जुटाए फॉरेंसिक सबूत
वरिष्ठ उप निरीक्षक नवीन जोशी ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए देहरादून से फॉरेंसिक साइंस लैब की विशेष टीम को तुरंत मौके पर बुलाया गया। FSL टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण कर वैज्ञानिक एवं फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि इन साक्ष्यों को अदालत में आरोपी के खिलाफ मजबूत सबूत के रूप में पेश किया जाएगा।
पीड़िता अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
वारदात के बाद नाबालिग को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक पीड़िता की स्थिति अब सामान्य और स्थिर है, और वह बातचीत करने की स्थिति में है। पुलिस जल्द ही मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
पुलिस की अपील: पहचान उजागर न करें
ऋषिकेश पुलिस ने आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया है। साथ ही पुलिस प्रशासन ने आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स से सख्त अपील की है कि कानून के तहत नाबालिग पीड़िता की पहचान, नाम या तस्वीर किसी भी प्लेटफॉर्म पर साझा न करें और किसी भी तरह की भ्रामक या अपुष्ट अफवाहों पर ध्यान न दें।
