

देहरादून
उत्तराखंड में नशे के कारोबार और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड सरकार द्वारा एक विशेष रिवॉर्ड पॉलिसी (इनामी योजना) को अधिसूचित किया गया है।
क्या है रिवॉर्ड पॉलिसी?
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, राज्य में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने और ड्रग्स तस्करों के जाल को तोड़ने के लिए मुखबिरों (Informers) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
- अंतरराज्यीय नेटवर्क पर नकेल: तस्करों के इंटर-स्टेट लिंकेज (अंतरराज्यीय नेटवर्क) का पता लगाने और गहरी जांच के लिए पुलिस व एसटीएफ टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
- इनाम की राशि: भारत सरकार की रिवॉर्ड पॉलिसी की तर्ज पर लागू की गई इस योजना के तहत सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹20,000 से लेकर ₹2,00,000 (2 लाख रुपये) तक का इनाम दिया जाएगा।
कैसे तय होगी इनामी राशि?
एसएसपी एसटीएफ ने स्पष्ट किया कि इनाम की राशि कुछ मुख्य मानकों (Parameters) के आधार पर तय की जाएगी:
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- बरामदगी की मात्रा: पकड़ी गई ड्रग्स की कुल मात्रा कितनी है।
- ड्रग्स की शुद्धता (Purity): बरामद नशीले पदार्थ की गुणवत्ता/शुद्धता का स्तर क्या है।
एसएसपी अजय सिंह का वक्तव्य:
“बहुत से लोग ऐसे हैं जो नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ी अहम सूचनाएं देते हैं। अब इस शासनादेश के तहत यदि किसी की दी गई सटीक सूचना के आधार पर ड्रग्स की बरामदगी होती है और तस्कर पकड़े जाते हैं, तो उस सूचनादाता को निर्धारित मानकों के अनुसार इनाम प्रदान किया जाएगा।”
इस योजना के लागू होने से नशीले पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगने और गुप्त सूचना तंत्र के और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
