

ऋषिकेश
अब बड़ी खबर ऋषिकेश से हैं जहां आज दोपहर त्रिवेणी घाट उस वक्त गहरी दहशत और चीख-पुकार से थर्रा उठा, जब मां गंगा के रौद्र रूप के बीच 22 साल का कांवड़ियां गंगा के जानलेवा बहाव में बह गया। देखते ही देखते कांवड़िया पानी के तेज थपेड़ों में समा गया और मौत की ओर बहने लगा। यह दृश्य देखकर घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं की सांसें अटक गईं और चारों तरफ हड़कंप मच गया। जैसे ही कांवड़िया उफनती लहरों में गायब होने लगा, घाट पर तैनात SDRF, जल पुलिस और आपदा राहत दल के जांबाज बिना एक पल गंवाए एक्शन में आ गए। लहरों की रफ्तार इतनी तेज थी कि जान दांव पर लगी थी, लेकिन रेस्क्यू टीम ने अपनी रेस्क्यू राफ्ट को काल के गाल में झोंक दिया। पानी के तेज बहाव में लगभग 500 मीटर तक राफ्ट और लहरों के बीच रोंगटे खड़े कर देने वाली रेस चली। नदी में पूरी तरह डूबने ही वाला था कि जांबाजों ने ऐन मौके पर कांवड़िए को हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया। जिससे उसकी जान बच गई। कावड़िया की पहचान कपिल दुहन निवासी रोहतक हरियाणा के रूप में हुई है। एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण और जल पुलिसकर्मी ने बताया कि कपिल दोस्तों के साथ कांवड़ लेने ऋषिकेश आया था। मौत को बेहद करीब से छूकर सुरक्षित लौटे कपिल को जब सकुशल किनारे लाया गया, तो घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू और जुबान पर रेस्क्यू टीम के लिए सलाम था। प्राथमिक जांच के बाद कपिल को सुरक्षित उसके साथियों के सुपुर्द कर दिया गया है। प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी करते हुए सभी श्रद्धालुओं, कांवड़ियों और पर्यटकों से अपील की है कि खतरे से खेल मत खेलिए। स्नान करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और केवल चिन्हित, सुरक्षित एवं पक्के घाटों पर ही रुकें।
