
हरिद्वार
आगामी कुंभ मेला-2027 के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर रेलवे और मेला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने शुक्रवार को हरिद्वार का दौरा किया। उन्होंने मेला प्रशासन, रेलवे और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक की और मेला नियंत्रण भवन स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण भी किया। मेला नियंत्रण भवन के सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में 14 जनवरी से 20 अप्रैल 2027 तक चलने वाले कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, विशेष ट्रेनों के संचालन, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने मुख्य रूप से निम्नलिखित दिशा-निर्देश दिए:
अग्रिम कार्ययोजना: प्रत्येक संभावित परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए अभी से व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए।

समयबद्धता: रेलवे, मेला प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।
श्रद्धालु-केंद्रित व्यवस्था: यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता को हर व्यवस्था का केंद्र बिंदु बनाया जाए।
भीड़ नियंत्रण और निकासी के लिए बनेंगे ‘होल्डिंग एरिया’
रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने प्रमुख स्नान पर्वों पर बढ़ने वाले भारी यात्री दबाव को देखते हुए स्टेशनों पर पर्याप्त क्षमता वाले सुविधायुक्त होल्डिंग एरिया विकसित करने पर जोर दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए ऐसे क्षेत्रों का विकास आवश्यक है, जहां यात्रियों को नियंत्रित ढंग से रोका और आगे बढ़ाया जा सके। भीड़ की सुव्यवस्थित और त्वरित निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने अतिरिक्त ट्रेनों, अतिरिक्त कोचों, प्लेटफॉर्म प्रबंधन और टिकटिंग व्यवस्था को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

प्रमुख स्नान पर्वों पर 2 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान
बैठक में मेलाधिकारी सोनिका मीणा ने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले मेलों के अनुभवों और हालिया स्नान पर्वों की भीड़ के विश्लेषण के आधार पर इस बार प्रमुख स्नान पर्वों पर सवा करोड़ से लेकर दो करोड़ तक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। चूंकि हरिद्वार पहुंचने वाले यात्रियों में सर्वाधिक संख्या रेल मार्ग का उपयोग करने वालों की होती है, इसलिए मेलाधिकारी ने रेलवे से पर्याप्त संख्या में विशेष ट्रेनें चलाने और स्टेशन परिसरों में यात्री सुविधाओं का विस्तार करने का विशेष अनुरोध किया। मेले की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जाएगा।
सीसीटीवी निगरानी: पूरे मेला क्षेत्र और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी।
कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम: विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल-टाइम सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए इस सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाएगा ताकि आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिए जा सकें।
ऋषिकेश और योग नगरी स्टेशन का निरीक्षण
हरिद्वार में बैठक के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार ऋषिकेश और योग नगरी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने की पहुंचे। यहां उन्होंने साफ सफाई सुरक्षा व्यवस्था पर अपना फोकस किया। अधिकारियों को कुंभ मेंला को लेकर दौरान स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। इसी के साथ उन्होंने कुछ दिनों पहले योग नगरी स्टेशन पर हादसे का शिकार हुई एक्सप्रेस के घटना स्थल को भी देखा। घटना का विवरण भी अधिकारियों से लिया।
बैठक में शामिल रहे प्रमुख अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में मुरादाबाद मंडल की डीआरएम विनीता श्रीवास्तव, रेलवे सुरक्षा बल के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ऋषि कुमार, एसएसपी कुंभ आयुष अग्रवाल, और अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती सहित उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक, प्रमुख मुख्य अभियंता और रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (वाणिज्य) मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों की प्रगति रिपोर्ट साझा की।
