
ऋषिकेश
तीर्थनगरी ऋषिकेश में रविवार की सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। गंगा नदी के तेज बहाव के बीच एक पहाड़ी पर पूरी रात जिंदगी और मौत से जूझ रहे बिहार के एक युवक को SDRF की टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सकुशल बचा लिया। मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार का रहने वाला 21 वर्षीय करण कुमार पासवान किसी तरह गंगा नदी के तेज बहाव में बहकर 84 कुटिया के नीचे नदी के बीचो-बीच स्थित एक पहाड़ी पर फंस गया। नदी में पानी का बहाव बेहद तेज होने और रात के अंधेरे के कारण युवक वापस किनारे पर नहीं आ सका। उसने पूरी रात खौफ के साए में उसी पहाड़ी पर कांपते हुए गुजारी।

सुबह होते ही युवक ने किनारे पर मौजूद लोगों को मदद के लिए हाथों से इशारा करना शुरू किया। किसी स्थानीय नागरिक की नजर जब उस पर पड़ी, तो उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दी। सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में SDRF के जवान बिना एक पल गंवाए आवश्यक रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। गंगा की उफनती लहरों और पहाड़ी के आसपास के तेज जलप्रपात के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था। SDRF के जांबाज जवानों ने अपनी छोटी रेस्क्यू बोट की मदद से गंगा की तेज और विपरीत धाराओं को चीरते हुए युवक तक पहुंच बनाई। टीम ने पहले सहमे हुए युवक को ढांढस बंधाया और फिर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए उसे सुरक्षित बोट में बिठाया। युवक को सकुशल गंगा से निकालकर त्रिवेणी घाट लाया गया। आवश्यक पूछताछ और कागजी औपचारिकताओं के बाद उसे स्थानीय पुलिस और उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। गनीमत रही कि इतनी बड़ी आपदा के बाद भी युवक की स्वास्थ्य स्थिति पूरी तरह सामान्य और संतोषजनक पाई गई। SDRF की इस त्वरित और जांबाज कार्रवाई को देख त्रिवेणी घाट पर मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों की आंखें भर आईं और उन्होंने पूरी टीम का दिल से आभार व्यक्त किया।
