
ऋषिकेश
बुद्ध पूर्णिमा, शनिवार और रविवार की छुट्टियों के संयोग ने ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ा दी है। गर्मी से राहत पाने की चाह में लाखों की संख्या में पर्यटक पहाड़ों और गंगा घाटों की ओर रुख कर रहे हैं, जिसके कारण शहर की सभी सड़कें वाहनों से पूरी तरह पैक हो गई हैं।
वाहनों का भारी दबाव: श्यामपुर नटराज बायपास मार्ग और श्यामपुर-ऋषिकेश मुख्य हाईवे पर क्षमता से अधिक वाहनों का दबाव बना हुआ है।
लंबा ट्रैफिक जाम: सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और गाड़ियां रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हैं। मिनटों का सफर तय करने में घंटों का समय लग रहा है।
गर्मी का दोहरा असर: चिलचिलाती धूप के बीच वाहनों के इंजन की गर्मी ने स्थिति को और खराब कर दिया है। कार सवार पर्यटक तो एयर कंडीशनर में सुरक्षित हैं, लेकिन पैदल और दोपहिया वाहन चालक इस दोहरी गर्मी की मार झेलने को मजबूर हैं।

जाम के मुख्य कारण
सड़कों पर अतिक्रमण: शहर के प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की समस्या के कारण यातायात के लिए पर्याप्त जगह नहीं बच पा रही है।
पार्किंग की कमी: पर्यटकों के वाहनों की भारी संख्या के मुकाबले शहर में उचित पार्किंग का अभाव जाम का एक बड़ा कारण बना हुआ है।
पुलिस का प्रयास:
भीषण गर्मी और इंजन की गरमाहट के बावजूद, चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी यातायात को सुचारू करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सड़कों की सीमित क्षमता के कारण उन्हें भी भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की परेशानी
इस स्थिति का सबसे अधिक खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। आवश्यक कार्यों या बाजार जाने वाले लोग घंटों तक ट्रैफिक जाम में फंसे नजर आए, जिससे उनके दैनिक जीवन पर भी असर पड़ रहा है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों को ही इस असुविधा से राहत पाने के लिए प्रशासन द्वारा यातायात प्रबंधन और स्थायी पार्किंग समाधान की प्रतीक्षा है।
