
ऋषिकेश
आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर तीर्थनगरी ऋषिकेश के विश्व प्रसिद्ध श्री भरत मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। वर्ष में केवल आज ही के दिन श्रद्धालुओं को भगवान भरत के चरणों के दर्शन करने का विशेष सौभाग्य प्राप्त होता है, जिसे देखते हुए मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मान्यता है कि जो श्रद्धालु अक्षय तृतीया के दिन भगवान भरत की 108 परिक्रमा करता है, उसे साक्षात भगवान बद्री विशाल बद्रीनाथ के दर्शन के समान पुण्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि चारधाम यात्रा पर निकलने वाले अधिकांश यात्री अपनी यात्रा का शुभारंभ श्री भरत मंदिर में मत्था टेकने और परिक्रमा करने के बाद ही करते हैं।

मंदिर के महंत वत्सल शर्मा ने बताया कि 12वीं शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा इस मंदिर की स्थापना की गई थी। मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु की अलौकिक प्रतिमा स्थापित है, जिसे एक ही शालिग्राम पत्थर पर उकेरा गया है। आज के दिन श्रद्धालु विशेष रूप से भगवान को चूरमे का भोग अर्पित कर रहे हैं। अक्षय तृतीया का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसे सतयुग के प्रारंभ का प्रतीक भी माना जाता है। इसी शुभ अवसर पर आज गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट भी खोल दिए गए हैं। जो श्रद्धालु किसी कारणवश आज मंदिर नहीं पहुंच पाए हैं, वे घर बैठे ही भगवान भरत के इस अलौकिक स्वरूप का स्मरण कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
