
ऋषिकेश के निकट रानीपोखरी में उस वक्त सनसनी फैल गई जब एक निर्माणाधीन मकान के अंदर मिस्त्री की खून से लथपथ लाश मिली। सिर पर हथौड़े के वार… चारों तरफ फैला खून… और मौके पर पसरा सन्नाटा। जिस मिस्त्री ने सालों तक दूसरों के घर बनाए, उसे क्या पता था कि उसका अपना ही ‘बॉस’ उसकी जिंदगी की दीवार गिरा देगा।
वारदात: सिर पर हथौड़े से वार कर उतारा मौत के घाट
घटना बीते 26 फरवरी की है। रानीपोखरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत काम करने वाले मिस्त्री बबलू कुमार (निवासी बहराइच, यूपी) की बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी गई। बबलू का कसूर सिर्फ इतना था कि वह अपने हक की कमाई मांग रहा था। हत्यारे ने इतनी नफरत से वार किया था कि बबलू को संभलने तक का मौका नहीं मिला। पुलिस को जब सूचना मिली, तो इलाके में हड़कंप मच गया। हर कोई डरा हुआ था कि आखिर इस खौफनाक वारदात के पीछे किसका हाथ है?
खुलासा: 6 साल की दोस्ती, चंद रुपयों की दुश्मनी!
रानीपोखरी पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाना शुरू किया, तो परतें दर परत सच सामने आने लगा। सीओ नीरज सेमवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस ‘खूनी खेल’ का पर्दाफाश किया।
कातिल निकला ‘खास’ आदमी: जिसे बबलू अपना मददगार समझता था, वही उसका काल निकला। पुलिस ने बिहार के बेगूसराय निवासी ठेकेदार पप्पू साहनी को गिरफ्तार किया है।
लेन-देन बना मौत की वजह: पप्पू साहनी और बबलू पिछले 6 साल से साथ काम कर रहे थे। लेकिन पैसों के लेन-देन ने सालों पुराने भरोसे को चंद मिनटों में खत्म कर दिया। बहस बढ़ी और ठेकेदार ने गुस्से में आकर मिस्त्री के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए।
पुलिस की घेराबंदी: थाना प्रभारी विकेंद्र कुमार और वरिष्ठ उप निरीक्षक मनवर सिंह नेगी की टीम ने जाल बिछाया और भागने की फिराक में घूम रहे ठेकेदार को थानों रोड से धर दबोचा।
बरामदगी और जेल
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया ‘खूनी हथौड़ा’ भी बरामद कर लिया है। पप्पू साहनी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सलाखों के पीछे (जेल) भेज दिया गया है।
