ऋषिकेश
अब रावण दहन की चौंकाने वाली खबर ऋषिकेश से है, जहां एक ऐसा हैरान करने वाला और सनसनीखेज वाकया सामने आया है, जिसने त्रिवेणी घाट पर मौजूद हजारों लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। बता दें कि आज त्रिवेणी घाट से सटे रामानंद घाट पर रावण, कुंभकरण और मेघनाथ दहन का भव्य आयोजन साड़े सात बजे होना था। लेकिन भगवान राम की सवारी के आने और गंगा आरती से पहले करीब 6 बजे यह पुतले बिना राम के तीर लगे अचानक धधक उठे। यह नजारा देखकर हर कोई हैरत में पड़ गया कि आखिरकार तय समय सीमा से पहले पुतले कैसे जल उठे। प्रथम जांच में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से यह आश्चर्य जनक घटना होने की जानकारी अभी सामने आई है। सुभाष क्लब दशहरा कमेटी के संचालक राहुल शर्मा और संजय शर्मा के मुताबिक जनता को नया रोमांच देने के लिए ‘रिमोट संचालित इलेक्ट्रिक दहन’ यानी एक बटन दबाते ही आधुनिक तरीके से पुतले जलाने की योजना इस बार बनाई गई थी। मुख्य आयोजन से ठीक पहले जब पुतलों की आखिरी ‘टेस्टिंग’ की जा रही थी, तभी देखते ही देखते रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के विशाल पुतले एक-एक करके आग की लपटों में घिर गए। जब तक कोई कुछ समझ पाता या पानी फेंका जाता, तीनों राक्षसराज धू-धू कर जलकर राख हो गए। घटना के बाद आयोजन समिति के होश उड़ गए। काफी देर की अफरा-तफरी के बाद संचालकों ने सफाई दी और दावा किया कि रिमोट टेस्टिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, इस सनसनीखेज घटना के चलते इस बार ऋषिकेशवासी पारंपरिक दहन के रोमांच का पूरा लुत्फ नहीं उठा सके, लेकिन यह अजीबोगरीब हादसा पूरे शहर में चर्चा का सबसे बड़ा और सनसनीखेज मुद्दा बन गया है।
