

ऋषिकेश
भारत विकास परिषद की ‘योग नगरी ऋषिकेश’ शाखा का शपथ ग्रहण समारोह रविवार को देहरादून रोड स्थित एक होटल में आयोजित किया गया। इस दौरान नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई तथा समाजसेवा, राष्ट्रहित और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
नई कार्यकारिणी का विस्तार
कार्यक्रम के दौरान शाखा की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें निम्नलिखित पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियां संभालीं:
- संरक्षक: अनीता ममगाईं एवं चंद्रवीर पोखरियाल
- अध्यक्ष: पवन शर्मा
- सचिव: भावेश जोशी व अपूर्व भंडारी
- संगठन सचिव: आकाश जैन
- महिला संयोजक: अनिता रैना
- संयोजक (विभिन्न विभाग): पंकज शर्मा (संपर्क), निमेश शर्मा (पर्यावरण), नितिन राठी (संस्कार) एवं हितेंद्र पवार (सेवा)
सेवा और संस्कारों का संदेश
समारोह की अध्यक्षता करते हुए महामंडलेश्वर स्वामी यात्रितानंद गिरी महाराज ने परिषद को समाज सेवा का प्रमुख माध्यम बताया। उन्होंने एम्स ऋषिकेश के मरीजों और चारधाम यात्रियों की सेवा के लिए परिषद के संकल्प की सराहना की।
मुख्य वक्ता और क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सत्येंद्र मित्तल ने परिषद के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1962 के युद्ध के बाद स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरित होकर 10 जुलाई 1963 को संगठन की स्थापना की गई थी। वर्तमान में देशभर में इसकी लगभग 2,000 शाखाएं और एक लाख सदस्य कार्यरत हैं।
एम्स ऋषिकेश की निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने संस्था को ऋषिकेश में सेवा कार्यों के लिए भवन स्थापित करने का सुझाव दिया और एम्स की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। पूर्व महापौर व संरक्षक अनीता ममगाईं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से निष्क्रिय पड़ी इस शाखा के पुनर्गठन से क्षेत्र में जनसेवा कार्यों को नया विस्तार मिलेगा।
कार्यक्रम का सफल संचालन पंकज शर्मा ने किया। इस अवसर पर प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनीषा सिंघल, प्रांतीय महासचिव संजय गर्ग, क्षेत्रीय संयोजक निशा अग्रवाल व डॉ. संगीता समेत कई गणमान्य नागरिक और पार्षद उपस्थित रहे।
