

कांवड़ यात्रा: सुरक्षा के मद्देनजर नारसन बॉर्डर पर 12 फीट से ऊंचे डीजे और कांवड़ वाहनों पर रोक, वापस भेजे गए वाहन
नारसन (उत्तराखंड):
कांवड़ मेला 2026 के दौरान शिव भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। किसी भी अप्रिय घटना, दुर्घटना या हाई-टेंशन तारों से करंट लगने के खतरे को टालने के लिए 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले कांवड़ डीजे और बड़े वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसी क्रम में नारसन बॉर्डर (उत्तराखंड-यूपी सीमा) पर पुलिस और प्रशासन की टीमों द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन कर 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले कांवड़ और डीजे लेकर आ रहे शिव भक्तों को बॉर्डर पर ही रोका जा रहा है। अधिकारियों द्वारा कांवड़ियों को आवश्यक हिदायत और सुरक्षा दिशा-निर्देश देते हुए इन बड़े वाहनों को सम्मानपूर्वक वापस भेजा जा रहा है।
प्रशासन की अपील:
“शिव भक्तों (भोले बाबा के कांवड़ियों) की जान-माल की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। रास्ते में झूलते बिजली के तारों और दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। सभी कांवड़िए शांतिपूर्ण और सुरक्षित यात्रा के लिए तय नियमों का पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें।”
मुख्य बिंदु:
- सुरक्षा प्राथमिकता: हाई-टेंशन लाइन और तारों से करंट लगने की घटनाओं को रोकने के लिए लिया गया फैसला।
- सख्त चेकिंग: नारसन बॉर्डर पर 12 फीट से अधिक ऊंचाई वाले डीजे वाहनों को रोका गया।
- समझाइश: कांवड़ियों को हिदायत देकर वापस भेजा जा रहा है ताकि पूरी यात्रा सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न हो सके।
