

ऋषिकेश
पुलिस ने एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर और गुजरात के राजकोट में हुई लाखों रुपये की चोरी का खुलासा करते हुए शातिर अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लगभग 50 लाख के सोने-चांदी के आभूषण, फर्जी आधार कार्ड और चोरी में इस्तेमाल उपकरण बरामद किए हैं। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबल ने बताया कि ऋषिकेश कोतवाली पुलिस की टीम ने 31 जुलाई की रात काली माता मंदिर के पास से आरोपी को गिरफ्तार किया।
बीमारी के बहाने अस्पतालों में रैकी, फर्जी आधार कार्ड से होटलों में ठहराव
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि पकड़ा गया आरोपी मंडलपु शिवा अंजनेयुलु निवासी गुंटूर आंध्र प्रदेश बेहद शातिर किस्म का अपराधी है। आरोपी बीमारी का बहाना बनाकर अस्पताल परिसरों में घूमता था और बंद घरों की रैकी करता था। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए आरोपी ने अलग-अलग नामों के फर्जी आधार कार्ड बनवा रखे है। जिनका उपयोग वह चोरी से पहले होटलों और धर्मशालाओं में ठहरने के लिए करता रहा है। आरोपी इससे पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर में भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपी के कब्जे से ऋषिकेश चोरी से संबंधित गढ़वाली नथ, सोने का हार, 2 मंगलसूत्र, मांगटीका, अंगूठियां, चांदी की पायल, बिछुए, पेचकस और 3 आधार कार्ड और राजकोट चोरी से संबंधित 4 सोने की अंगूठियां, चेन मय पेंडेंट, सोने का हार, कंगन, ब्रैसलेट और चांदी के आभूषण बरामद हुए है।
आरोपी को पकड़ने वाली टीम में यह रहे शामिल
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, व0उ0नि0 नवीन जोशी, उ0नि0 देवेन्द्र सिंह पँवार (चौकी प्रभारी एम्स), हे0का0 सन्दीप राठी, हे0का0 विपिन सैनी (SOG देहात) सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
ऋषिकेश मामला: 20 जुलाई को एम्स आवासीय परिसर निवासी रविन्द्र तिवारी ने ऋषिकेश कोतवाली में ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और ₹60,000 नकद चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी।
राजकोट मामला: पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि 27 जुलाई को उसने गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी तरह चोरी की घटना को अंजाम दिया था (थाना प्रद्युम्ननगर, राजकोट)।
